तोताराम, तोता नहीं रहा...?
रमन सिंह अब जंगल जाएंगे, वहां देखेंगे कलेक्टर पटवारी ठीक-ठाक काम कर रहे हैं या नहीं ऐसे भी उन्होंने साफ-साफ कहा है कि कार्रवाई बड़े अधिकारियों पर होगी। बात भी सही है पटवारी अच्छा काम करें तो कलेक्टर को ईनाम मिलता है, तो दण्ड का भागी भी कलेक्टर ही होना चाहिए। डॉ. रमन सिंह की उपलब्धि यह है कि जो भी उनसे मिलता है सच-सच ही बोलता है।


बाजार जितना तकलीफ दायक शब्द है उससे अधिक बाजार में उतरकर तमाम दुविधाओं के साथ सुविधाओं को अँजुरी में बटोरने के लिए एक - एक क्षण को जीना कष्टकारी है नदी की जलधारा में नख की जो स्थिति तूफान को झेलते हुए होती है उसके लिए पहले से किये गए जतन काम नहीं आते समय जो समस्या उपजाता है उसका हल भी वही होता है। उसे अन्यत्र खोजना नाहक ही सिद्ध होता है। पहले मासिक और अब हर शाम(सांध्य अख़बार )....।






















